
समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : समस्तीपुर जंक्शन से तीन वर्षीय मासूम के अपहरण मामले में जीआरपी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कारवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर विभूतिपुर थाना क्षेत्र से अपहृत बच्ची को सकुशल बरामद कर कानूनी प्रक्रिया के बाद बच्चे को परिजन को सौंप दिया है। हालांकि आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। पुलिस आरोपी की पहचान कर उसके गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
उजियारपुर थाना क्षेत्र के मालती गांव की कंचन देवी अपने तीन वर्षीय पुत्र केतन के साथ दरभंगा में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए समस्तीपुर रेलवे जंक्शन पहुंची थीं । ट्रेन आने में देरी होने के कारण वह प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बच्चे के साथ बैठी थीं। थकान की वजह से उसे नींद आ गई। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर स्टेशन से फरार हो गया ।
इस संबंध में जीआरपी थानाध्यक्ष बीरबल राय का बताना है कि आरोपी ने पहले बच्चे को कुरकुरे खिलाकर उसका विश्वास जीता और फिर उसे अपने साथ लेकर स्टेशन से बाहर निकल गया। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को कुरकुरे खिलाते हुए और बाद में अपने साथ ले जाते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम जांच में जुट गई और मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टावर डंप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश तेज की। इसी बीच 17 जुलाई की शाम सूचना मिली कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघियाघाट स्थित एक बगीचे में एक तीन वर्षीय बच्चा लावारिस हालत में मिला है, जिसे स्थानीय लोगों ने अपने संरक्षण में रखा है।
स्थानीय लोगों द्वारा भेजी गई तस्वीर का मिलान करने पर पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है, जिसका समस्तीपुर जंक्शन से अपहरण हुआ था। इसके बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सकुशल बरामद कर समस्तीपुर ले आई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उसके परिजनों को सौंपा जाएगा।
फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उस व्यक्ति की पहचान कर रही है, जो बच्चे को स्टेशन से लेकर गया था। जीआरपी का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
बताते चलें है कि एक माह पहले भी समस्तीपुर रेलवे जंक्शन से एक बच्चे का अपहरण हुआ था। उस मामले में भी जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को मोतिहारी से सकुशल बरामद किया था और बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।









