क्या बारूद के ढेर पर बसा है सीवान? पटाखा विस्फोट में 5 की मौत, थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित समस्तीपुर में होटल संचालक को गोली मारने वाले दो अपराधी गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में थे दोनों दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में डॉ रिंकी कुमारी आजमा रही किस्मत I  समस्तीपुर में घर से 500 मीटर दूर एक गाछी में मिला महिला का शव, हत्या की आशंका ।FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य ।सुबह शौच के लिए निकली थी ।दोपहर में पत्तों से ढका मिला शव । माले विधायक संदीप सौरभ ने स्नातक उम्मीदवार संदीप कुमार चौधरी को वरियता का प्रथम मत देकर विजयी बनाने की अपील समस्तीपुर में हल्दी व्यापारियों ने ली शुद्धता की शपथ, लेड क्रोमेट मिलावट नहीं करने का लिया संकल्प

पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे का बदला एलाइनमेंट: केएसआर कॉलेज का अस्तित्व खतरे में, आइसा ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क: पटना–पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के मार्ग में अचानक किए गए बदलाव (एलाइनमेंट परिवर्तन) से सरायरंजन प्रखंड का सबसे पुराना केदार संत रामाश्रय (केएसआर) महाविद्यालय व इंटर कॉलेज संकट में आ गया है। इस गंभीर मुद्दे की जांच के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के जिला सचिव सुनील कुमार के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज परिसर का जमीनी निरीक्षण किया। इस टीम में कार्यालय सचिव राजू झा और सह सचिव नीतीश राणा भी शामिल थे।

6 हजार छात्रों का भविष्य अधर में

आइसा नेताओं ने बताया कि लगभग 5 से 6 बीघे में फैले इस प्रतिष्ठित संस्थान की साढ़े तीन बीघा जमीन एनएचआई (NHAI) एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए अधिग्रहित करने जा रहा है। इससे इंटर कॉलेज का वजूद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जबकि डिग्री कॉलेज का अस्तित्व भी दांव पर लग जाएगा। वर्तमान में यहाँ लगभग 6,000 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि एक्सप्रेसवे शैक्षणिक परिसर के बीच से गुजरेगा, तो गाड़ियों के शोर-शराबे के कारण पढ़ाई का माहौल पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।

राजनीतिक सांठगांठ के आरोप, आंदोलन का ऐलान
आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण घनी आबादी और शैक्षणिक संस्थानों से दूर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री विजय चौधरी के एक करीबी रिश्तेदार की जमीन बचाने के लिए एक्सप्रेसवे का मार्ग बदला गया है। कार्यालय सचिव राजू झा ने स्थानीय विधायक सह उपमुख्यमंत्री से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और एनएचआई के नए एलाइनमेंट पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

आर-पार की लड़ाई की चेतावनी: आइसा नेताओं का कहना है कि मार्ग बदलने से न केवल कॉलेज, बल्कि सैकड़ों स्थानीय लोगों के घर और दुकानें भी इसकी जद में आ रही हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। संगठन ने साफ किया है कि यदि सरकार ने पुराने (दक्षिण-पूर्व) सर्वेक्षण स्थल पर एक्सप्रेसवे निर्माण का फैसला बहाल नहीं किया, तो कॉलेज बचाने के लिए आर-पार का उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

 

Leave a Comment

और पढ़ें