155 हाथ लंबे कांवर के साथ 1100 कांवरियों का भव्य जत्था पहुंचा भक्त और भगवान की नगरी विद्यापतिधाम ।पांच वर्षों से निभा रहे आस्था की परंपरा

Samastipur headline desk: समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर भक्त और भगवान की नगरी में सावन की प्रथम सोमवारी पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब मोहनपुर प्रखंड के जौनापुर गांव से 1100 शिवभक्तों का विशाल कांवरिया जत्था 155 हाथ लंबे भव्य कांवर के साथ विद्यापतिधाम पहुंचा। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं का यह अनूठा जत्था आकर्षण का केंद्र बना रहा और मंदिर पहुंचने पर अन्य श्रद्धालुओं ने भी उनकी भक्ति और अनुशासन की सराहना की। कांवरियों ने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से लगातार सावन में इसी प्रकार सामूहिक रूप से कांवर यात्रा करते हुए विद्यापतिधाम आ रहे हैं। उनका अटूट विश्वास है कि बाबा विद्यापति उगना महादेव की महिमा अपरंपार है और यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी अटूट श्रद्धा के कारण हर वर्ष उनके जत्थे में शिवभक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं ने बताया कि 155 हाथ लंबे इस विशेष कांवर को तैयार करने में लगभग 15 दिनों का समय लगता है। इसे पारंपरिक शैली में आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। करीब 30 किलोमीटर की यात्रा के दौरान सभी शिवभक्त बारी-बारी से अपने कंधों पर कांवर उठाकर पैदल चलते हैं और पूरे रास्ते भगवान भोलेनाथ के भजन, कीर्तन तथा जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखते हैं।विद्यापतिधाम पहुंचने के बाद सभी कांवरियों ने विधि-विधान के साथ बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। विशाल कांवर और अनुशासित जत्थे ने श्रावणी मेले की भव्यता में चार चांद लगा दिए। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और सामूहिक भक्ति ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव के प्रति समर्पण और विश्वास ही इस पावन यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है।








