
समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : विद्यालयों में खेल गतिविधियों को गति देने और बच्चों की खेल क्षमता को पहचानने की दिशा में ‘मशाल 2026’ के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। शुक्रवार को जिला खेल भवन के सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से नामित करीब 45 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को कार्यक्रम की गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों का पंजीकरण कैसे किया जाए, शारीरिक दक्षता का आकलन किस प्रकार हो, खेल गतिविधियों के दौरान प्रदर्शन का रिकॉर्ड कैसे तैयार किया जाए और प्रतिभावान बच्चों को किस तरह चिह्नित किया जाए, इन सभी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान सुभम कसौधन ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल की अहम भूमिका है। ‘मशाल 2026’ के माध्यम से विद्यालयों में नियमित शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर कई ऐसी प्रतिभाएं होती हैं, जिन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाता। कार्यक्रम के माध्यम से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे की खेल गतिविधियों और अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं स्टेट ट्रेनर जितेन्द्र कुमार, राहुल कुमार, उमेश कुमार, विघ्नेश कुमार एवं निखिल कुमार सिंह ने विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। प्रतिभागी शिक्षकों को शारीरिक दक्षता परीक्षण, गतिविधियों के संचालन, प्रदर्शन के मूल्यांकन और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया। जिला स्तरीय मेंटर सुभीत कुमार सिंह एवं संभाग प्रभारी रमेश कुमार के नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों को खेल से जोड़ने तथा उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देने पर विशेष जोर दिया गया। डीपीओ सुभम कसौधन ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब विद्यालयों में इसका प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने शारीरिक शिक्षा शिक्षकों से विद्यार्थियों को नियमित खेल एवं व्यायाम के लिए प्रेरित करने तथा खेल गतिविधियों में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित कराने को कहा। दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन शिक्षकों ने कार्यक्रम के संचालन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं को समझा। मौके पर जिले के सभी प्रखंडों से नामित शारीरिक शिक्षा शिक्षक उपस्थित रहे।









