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सुरक्षित शनिवार” में बच्चों ने सीखे वज्रपात से बचाव के जीवन रक्षक उपाय

समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क :  आपदा से बचाव के प्रति बच्चों में जागरूकता और व्यवहारिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जुलाई माह के चौथे शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक, मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में “सुरक्षित शनिवार” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ठनका (वज्रपात) से बचाव विषय पर विशेष जागरूकता एवं मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) शुभम कसौधन एवं प्रधानाध्यापक विकास कुमार रजक के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत छात्रों को वज्रपात से बचाव के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक उपायों की जानकारी दी गई। पी.आर. इंटर विद्यालय, कर्पूरीग्राम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर सह फोकल शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा के समय अपनाए जाने वाले जीवन रक्षक उपायों का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया। उन्होंने बच्चों को “उकड़ू-मुकड़ू (क्राउचिंग) पोजीशन” में बैठने की सही विधि समझाते हुए बताया कि यदि अचानक खुले स्थान पर वज्रपात की आशंका हो और सुरक्षित भवन तक पहुंचना संभव न हो, तो शरीर को छोटा बनाकर, सिर नीचे झुकाकर, दोनों कान बंद कर तथा पैरों को पास रखकर बैठने से खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यह भी बताया कि वज्रपात एवं आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, जलाशयों, खेतों और खुले मैदानों से दूर रहना चाहिए। मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग, धातु की वस्तुओं के संपर्क में रहना तथा खुले स्थान पर खड़े रहना जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसी परिस्थिति में पक्के और सुरक्षित भवन में शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ मॉक ड्रिल में भाग लिया तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, घबराहट पर नियंत्रण रखने और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यवहारिक तरीके सीखे। बच्चों को “क्या करें और क्या न करें” की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर डॉ. बेबी कुमारी, फोकल शिक्षक तरुण कुमार झा एवं फोकल शिक्षिका स्मृति कुमारी ने भी वज्रपात से बचाव, मौसम संबंधी चेतावनियों के महत्व तथा आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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