
Samastipur headline desk : समस्तीपुर पहुंचे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राज्य शिक्षा व्यवस्था रोजगार देने के साथ-साथ संस्कार देने वाली भी हो। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास जताते हुए शिक्षा जैसे मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। बिहार के सभी घरों से लोग शिक्षा के मंदिर पहुंचते हैं, ऐसे में मेरी जिम्मेदारी बड़ी है।
उन्होंने कहा कि पहले भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई थी। इसे और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए मैं अलग-अलग जिलों का दौरा कर शिक्षा से जुड़े अधिकारियों से संवाद कर रहा हूं ताकि जो कमियां हैं, उसे दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारियों के भरोसे बेहतर शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसमें आम लोगों के सहयोग की जरूरत है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों का आंकड़ा उपलब्ध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता कर रहे हैं कि किसी सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाला छात्र किसी ऊंचे पद पर है या फिर बेहतर स्थिति में है, अगर ऐसा है तो ऐसे लोगों को जिस स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की है, उस विद्यालय को उन्हें गोद लेने के लिए कहा जाएगा।
उन्हें ये भी कहा जाएगा कि आप जिस समय स्कूल में पढ़ाई करते थे, उस वक्त स्कूल की जो स्थिति थी, वर्तमान में जो स्थिति है, उसे देखते हुए आगे का प्लान बनाकर सरकार से शेयर करें। सरकार आपके साथ समन्वय बनाकर काम करेगी।
टीआरई-4 के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर मुख्यमंत्री ने बयान दिया है। एनओसी देने की जो प्रक्रिया थी, उसे बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपको सुखद परिणाम बहुत जल्द मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जो भी रुकावटें थी, उनका समाधान किया जा रहा है। टीआरई-4 के जितने भी अभ्यर्थी हैं, वे आंदोलन या फिर किसी के बहकावे में ना आएं। सरकार से आकर सीधी बात करें, उनकी बात सुनी जाएगी।









