समस्तीपुर में DCLR रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, 2 लाख कैश और वॉशिंग मशीन की मांग का आरोप ।

समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : समस्तीपुर में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के रोसड़ा अनुमंडल में जमीन विवाद से जुड़े मामले के निपटारे के एवज में रिश्वत लेते हुए रोसड़ा की DCLR कंचन कुमारी झा को निगरानी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया ।आरोप है कि DCLR ने विभूतिपुर निवासी मनोज कुमार महतो से मामले के समाधान के बदले 2 लाख रुपये नकद और एक वॉशिंग मशीन की मांग की थी।घटना समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने DCLR कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर ट्रेप करके कार्रवाई की। शिकायतकर्ता मनोज कुमार महतो की शिकायत और सत्यापन के बाद निगरानी की टीम ने यह कार्रवाई की। विभूतिपुर निवासी मनोज कुमार महतो का जमीन विवाद से जुड़ा मामला DCLR कार्यालय में चल रहा था। बताया जाता है कि मामले का निपटारा कराने के एवज में उनसे 2 लाख रुपये नकद और एक वॉशिंग मशीन की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी निगरानी विभाग को दी।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे दो वाहनों से टीम रोसड़ा स्थित DCLR के सरकारी आवास पहुंची। शिकायतकर्ता को साथ लेकर टीम ने पूरी तैयारी के साथ ट्रैप की कार्रवाई की। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम ली गई, निगरानी अधिकारियों ने DCLR कंचन कुमारी झा को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने सरकारी आवास को अपने नियंत्रण में लेते हुए गहन तलाशी शुरू की। इस दौरान बाहरी लोगों के अंदर आने-जाने पर रोक लगा दी गई। सरकारी आवास के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही।सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 13 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस रकम की आधिकारिक पुष्टि निगरानी विभाग की ओर से अभी नहीं की गई है।तलाशी के दौरान जमीन विवाद से जुड़ी फाइलों, दाखिल-खारिज और म्यूटेशन के दस्तावेजों के साथ बैंक पासबुक, निवेश संबंधी कागजात और लॉकर से जुड़ी जानकारी भी खंगाली गई। निगरानी टीम यह भी जांच कर रही है कि बरामद नकदी और अन्य संपत्तियों का स्रोत क्या है।कंचन कुमारी झा करीब डेढ़ साल से रोसड़ा में DCLR के पद पर तैनात बताई जा रही हैं। वह मूल रूप से मधुबनी जिले की रहने वाली बताई जाती हैं।
फिलहाल निगरानी की कार्रवाई के बाद पूरे रोसड़ा अनुमंडल में इसकी चर्चा है। अब जांच का दायरा इस बात तक भी पहुंच सकता है कि DCLR के स्तर पर जमीन से जुड़े अन्य मामलों में किसी तरह की अवैध वसूली या अनियमितता हुई थी या नहीं।









