
समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : समस्तीपुर के विधि महाविद्यालय में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों और कार्यपालक पदाधिकारियों ने भाग लेकर कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था और नियमों की जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन महापौर अनीता राम, उप महापौर रामबालक पासवान, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, नगर आयुक्त गौतम कुमार एवं उप नगर आयुक्त विभूति कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि ठोस कचरे का उचित प्रबंधन केवल नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने के साथ उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है। प्रशिक्षण से मिली जानकारी का वास्तविक लाभ तभी होगा, जब उसे धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
महापौर अनीता राम ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के लिए नियमित कचरा उठाव के साथ नागरिकों में जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनभागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नगर आयुक्त गौतम कुमार ने स्वागत संबोधन करते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में सहायक होगी। प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में उतारना ही इसकी वास्तविक सफलता होगी। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. संजय गुप्ता ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कचरे को स्रोत पर अलग करने, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग और सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया। प्रशिक्षण के उपरांत नगर आयुक्त गौतम कुमार ने कार्यशाला में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों एवं कार्यपालक पदाधिकारियों व स्वच्छता पदाधिकारी को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को व्यवहार में लागू कर नगर निकायों की स्वच्छता व्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।









