
समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड से गुजरने वाली पटना-पूर्णिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के सरायरंजन बाजार के पास एलाइनमेंट बदले जाने के कारण इलाके के एक मात्र केएसआर कॉलेज के अस्तित्व पर ख़तरा मंडराने लगा है I इस महाविद्यालय को बचाने के लिए केएसआर कॉलेज बचाओ आंदोलन समिति के बैनर तले समाजसेवी कुणाल कुमार के नेतृत्व में लोग सरायरंजन से पटना 100 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। तीन दिनों की इस पदयात्रा में सैकड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है । इस पदयात्रा को लेकर समाजसेवी कुणाल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि विकास के लिए एक्सप्रेस-वे बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवें परियोजना है। लेकिन अचानक पूर्व के निर्धारित रूट में बदलाव किया गया। जिससे सरायरंजन की धरोहर केएसआर कॉलेज की पूरी फील्ड और पुराना भवन सड़क में जा रही है। इसके अलावे सरायरंजन बाजार की 150 से अधिक घर भी इसके जद में आ रहे हैं I जिसे बचाने के लिए लोगों ने पदयात्रा का निर्णय लिया है I संवाददाता सम्मेलन के दौरान कुणाल कुमार ने कहा कि सरायरंजन के केएसआर कॉलेज से यह पदयात्रा 16 अगस्त से शुरू होगी। पहला पड़ाव वैशाली के महुआ में होगा। दूसरा पड़ाव हाजीपुर और फिर अगले दिन लोग पदयात्रा में शामिल लोग पटना पहुंच कर पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी बड़ी राजनीतिक दबाव के कारण एक्सप्रेस-वे का एलाइमेंट बदला गया है। इसके लिए उन्हें जनता को जबाव देना चाहिए।
नियमावली के अनुसार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को आवासीय क्षेत्र और घनी आबादी से दूर से एक फसली जमीन या चौड़ से होकर गुज़ारा जाता है। NHAI की ओर से जो स्वतंत्र सर्वे के पश्चात नक्शा प्रस्तावित था। वह मानकों को पूरा करता था और स्थानीय लोगों को उस नक़्शे से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन NHAI के स्वतंत्र सर्वे के बाद प्रस्तावित रूट एलाइनमेंट को तोड़-मरोड़ कर “48 वें किमी और 53 वें किमी के बीच” झखड़ा में वक्राकार आकृति बना दिया है। जिसके फलस्वरूप रूट एलाइनमेंट तो टेढ़ा हुआ ही, साथ ही सरायरंजन बाजार, कंकालीपुर और झखड़ा में लगभग 150 आवास के साथ ही दर्जनों दुकानों को तोड़ने का निर्णय भी ले लिया गया। इस परिवर्तित रूट के कारण सरायरंजन स्थित 50 साल पुराने के. एस. आर महाविद्यालय परिसर को भी दो भाग में बांट दिया गया है।उसके भवन के एक बड़े हिस्से को भी तोड़ने का प्रस्ताव है।
एक्सप्रेस-वे नियम के एकदम उलट इस एक्सप्रेस-वे को मोड़कर वक्राकार बनाकर एक्सप्रेस-वे के मापदंड को ध्वस्त किया जा रहा है। घनी आबादी वाले क्षेत्र के बीचोंबीच गुजारते हुए सरायरंजन बाजार, कंकालीपुर और झखड़ा के सैकड़ों परिवारों को विस्थापित करते हुए फिर से करिहारा में मिलाया जा रहा है। जबकि, स्वतंत्र एजेंसी ने जो प्रथम एलाइनमेंट बनाया था, वो कंकालीपुर और झखड़ा के दक्षिण सीमावर्त इलाके के धनहर चौड़ (Green field) से गुजारते हुए निकाला था।









