
समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क : स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को देश की सीमाओं से बाहर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को निर्यात के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र, समस्तीपुर के सभागार में खरीद एवं विपणन सहायता योजना के तहत सेमिनार-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के मुजफ्फरपुर की ओर से आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य विषय निर्यात संवर्धन रहा। कार्यशाला में 100 से अधिक उद्यमियों एवं उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय के सहायक निदेशक अंबुरी शलेमू राजुलु और जिला उद्योग केंद्र, समस्तीपुर के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने उद्यमियों को स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को मजबूत करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं, बाजार की मांग को समझने, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, पैकेजिंग एवं प्रस्तुतीकरण को बेहतर बनाने तथा नए बाजारों की तलाश करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले अनेक उत्पादों में विदेशों तक पहुंच बनाने की क्षमता है। आवश्यकता केवल सही बाजार की पहचान, उचित विपणन रणनीति और निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की है।
उद्यमियों को सरकारी खरीद व्यवस्था, ऑनलाइन व्यापार, डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार तथा देश-विदेश में बाजार विस्तार के अवसरों की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर छोटे उद्यम भी अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं। निर्यात बढ़ने से उद्यमियों के कारोबार का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।









