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बच्चे को डंसने वाला था कोबरा, युवक ने बढ़ा दिया हाथ सांप ने हथेली पर डंसा, फिर भी नहीं छोड़ा ।कोबरा को डिब्बे में बंद कर बाइक से पहुंचा अस्पताल, 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम से बची जान ।

बच्चे को डंसने वाला था कोबरा, युवक ने बढ़ा दिया हाथ
सांप ने हथेली पर डंसा, फिर भी नहीं छोड़ा ।कोबरा को डिब्बे में बंद कर बाइक से पहुंचा अस्पताल, 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम से बची जान ।

 

समस्तीपुर हेडलाइन डेस्क:समस्तीपुर में एक शख्स ने छह साल के बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। घर में घुसा कोबरा बच्चे की तरफ बढ़ रहा था। खतरा भांपकर उमेश भगत ने अपना हाथ बच्चे और सांप के बीच कर दिया। कोबरा ने बच्चे को छोड़ उमेश की हथेली पर डंस लिया। हैरानी की बात यह रही कि हाथ में सांप के दांत फंसे होने के बावजूद उमेश ने कोबरा को नहीं छोड़ा। दूसरे हाथ से उसे पकड़कर डिब्बे में बंद किया और उसी हालत में बाइक चलाकर सदर अस्पताल पहुंच गया। यहां जहर का असर बढ़ने पर वह बेहोश हो गया। डॉक्टरों ने रातभर इलाज कर करीब 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी।मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भूईधारा का है। हरपुर एलौथ निवासी उमेश भगत को सांप पकड़ने का शौक है। शाम भूईधारा शनिचरा स्थान निवासी अवधेश कुमार ने फोन कर घर में कोबरा घुसने की सूचना दी। इसके बाद उमेश सांप पकड़ने उनके घर पहुंचे।सामान हटाने के दौरान अचानक कोबरा दिखाई दिया। उमेश उसे पकड़ने ही वाले थे कि अवधेश कुमार का छह वर्षीय बेटा सांप की ओर बढ़ गया। बच्चे को अपनी तरफ आता देखकर कोबरा हमला करने के लिए बढ़ा। खतरा भांपकर उमेश ने अपना बायां हाथ आगे कर दिया। कोबरा ने बच्चे के बजाय उमेश की हथेली के ऊपर डंस लिया।कोबरा के दांत उमेश की हथेली में फंस गए थे। इसके बावजूद उन्होंने घबराए बिना दूसरे हाथ से सांप को पकड़ लिया। कोबरा को प्लास्टिक के डिब्बे में बंद किया और खुद बाइक चलाकर सदर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से कहा, “सर, इसी कोबरा ने मुझे डंसा है। मेरा इलाज कीजिए।”
उमेश के साथ डिब्बे में बंद कोबरा को देखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मी भी हैरान रह गए। कुछ देर बाद जहर का असर बढ़ने से उमेश बेहोश हो गया ।इलाज करने वाले डॉक्टर जीवछ कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय उमेश की हालत ठीक थी, लेकिन धीरे-धीरे जहर का असर बढ़ने लगा और वह बेहोश हो गए। रातभर उपचार और करीब 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद उन्हें होश आया। हालत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।उमेश का कहना है कि वह कोबरा को किसी दूर जंगल वाले इलाके में ले जाकर छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई विषैले सांप पकड़कर वन विभाग के हवाले कर चुका हैं।
इधर, उमेश के हाथ में कोबरा के डंसने और उसे जिंदा पकड़कर सदर अस्पताल लाने की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। लोग उमेश के इलाज से ज्यादा डिब्बे में बंद कोबरा को देखने के लिए उत्सुक नजर आए।

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